-दिशा बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, पारदर्शिता और समयबद्धता जोर
-केंद्र-राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति पर मंथन
-दिशा बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा
PANIPAT AAJKAL , 11 फरवरी। राज्य स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की वर्चुअल समीक्षा बैठक बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित हुईं। बैठक की वर्चुअल रूप से अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह ने की व विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सह-अध्यक्ष के रूप में भाग लिया। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशा समिति का उद्देश्य केवल योजनाओं की औपचारिक समीक्षा करना नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति देना और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ सुनिश्चित करना है। बैठक में ग्रामीण विकास, स्वच्छ पेयजल, सडक़ निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), दीनदयाल अंत्योदय योजना, नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचे।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए। विकास कार्यों में देरी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। डॉ. दहिया ने कहा कि, जिले में संचालित केंद्र और राज्य सरकार की प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। अधिकारी फील्ड में जाकर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की स्वयं समीक्षा करें। आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, समयसीमा का कड़ाई से पालन करें और तय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें। बैठक में सीईओ डॉ. किरण, डीडीपीओ राजेश शर्मा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।